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Date of publication : 12/8/2015 17:57
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ईरानी जनता शुरू से ही आतंकवाद का निशाना बनती चली आ रही है

इस्लामी रिपब्लिक ईरान के राष्ट्रपति ने कहा है कि कुछ देशों के आरोपों के विपरीत ईरान, आतंकवाद की बलि चढ़ा है।

विलायत पोर्टलः इस्लामी रिपब्लिक ईरान के राष्ट्रपति ने कहा है कि कुछ देशों के आरोपों के विपरीत ईरान, आतंकवाद की बलि चढ़ा है। राष्ट्रपति डाक्टर हसन रूहानी ने मज़ारे शरीफ में शहीद होने वाले ईरानी कूटनयिकों के परिजनों से मंगलवार को एक मुलाक़ात में यह बात कही। याद रहे अफगानिस्तान के मज़ारे शरीफ नगर पर तालिबान के क़ब्ज़ा के बाद इस नगर में तैनात आठ ईरानी कूटनयिकों और एक पत्रकार को 8 अगस्त वर्ष 1998 में बंधक बनाकर शहीद कर दिया गया था। राष्ट्रपति ने इन कूटनयिकों के परिजनों से भेंट में कहा कि मज़ारे शरीफ में शहीद होने वाले कूटनयिकों की हत्या से यह सिद्ध होता है कि ईरान के शत्रु इस देश के सपूतों से कितनी दुश्मनी रखते हैं। राष्ट्रपति रूहानी ने कहा कि ईरानी जनता को, अपने देश में इस्लामी रिवाल्यूशन की कामयाबी के पहले दिन से भी आतंकवादी कार्यवाहियों का सामना करना पड़ा है और यह आतंकवादी आज भी ईरानी राष्ट्र के विरुद्ध सक्रिय हैं। उन्होंने अफगानिस्तान के मज़ारे शरीफ में ईरानी कूटनयिकों की हत्या का उल्लेख करते हुए कहा कि यह कोई नहीं समझता था कि हमारे दूतावास पर क़ब्ज़ा करके वहां तैनात कूटनयिकों को इस तरह से मार डाला जाएगा क्योंकि दूतावास सुरक्षित स्थान समझे जाते हैं। राष्ट्रपति ने कहा कि इसके साथ ही यह भी कोई नहीं समझता था कि उत्तरी अफगानिस्तान के अति सुरक्षित नगर मज़ारे शरीफ पर नवोदित तालिबान का अधिकार हो जाएगा हालांकि इस घटना में कुछ क्षेत्रीय देशों की खुफिया एजेन्सियों की भूमिका को भी नकारा नहीं जा सकता। राष्ट्रपति ने कहा कि जब आतंकवादियों ने हमारे देश के इन सपूतों की निर्दयता से हत्या की थी तो दुनिया में यह कोई नहीं समझता था कि एक दिन वह भी इस आतंकवाद की लपेट में आ जाएंगे लेकिन आज हम देख रहे हैं कि आतंकवाद अपनी चरम सीमा पर पहुंच चुका है और उनके पीछे ज़ायोनियों और कुछ पश्चिमी देशों का हाथ है।
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तेहरान रेडियो


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