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Date of publication : 9/8/2015 12:13
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चुनौतियां पैदा करने वाले चुप नहीं बैठेंगेः अली लारीजानी

इस्लामी रिपब्लिक ईरान के संसद सभापति ने कहा है कि पश्चिम पारचीन के बारे में दिखावटी हंगामा करके अतंरराष्ट्रीय वातावरण पर प्रभाव डालना चाहता है।

विलायत पोर्टलः इस्लामी रिपब्लिक ईरान के संसद सभापति ने कहा है कि पश्चिम पारचीन के बारे में दिखावटी हंगामा करके अतंरराष्ट्रीय वातावरण पर प्रभाव डालना चाहता है। डाक्टर अली लारीजानी ने शनिवार को संसद के पत्रकारों को सम्मानित किये जाने के कार्यक्रम में बोलते हुए कहा कि हमने रिवाल्यूशन के बाद बहुत से संकटों का सामना किया जिसका एक उदाहरण आठ वर्षीय युद्ध के बाद सुरक्षा परिषद का प्रस्ताव 598 था। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर निर्दयता होती है, सब को मालूम है कि आठ वर्षीय युद्ध के दौरान हम पर अत्याचार हुआ और आज परमाणु मामले में भी यही दशा है और बारह वर्षों के बाद हम नये चरण में प्रवेश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस्लामी रिवाल्यूशन के इतिहास में परमाणु वार्ता अत्याधिक कठिन विषय था और इन वार्ताओं का ब्योरा जो कागज़ पर है वह सिर्फ़ एक हिस्सा है और आज भी अगर ईरान में यह समझौता पारित हो गया तब भी कठिनाइयां जारी रहेंगी क्योंकि जिन लोगों ने 12 वर्षों तक परमाणु मामले के आधार पर ईरान के लिए चुनौतियां पैदा की हैं वह चुप नहीं बैठेंगे। उन्होंने पारचीन छावनी को एक उदाहरण बताते हुए कहा कि यह बनावटी हंगामा है और इसी लिए पारचीन के बारे में एक कहानी गढ़ ली गई है। उन्होंने सीरिया संकट का उल्लेख करते हुए कहा कि अगर कुछ लोग यह सोचते हैं कि वह सीरिया को नये लीबिया में बदल सकते हैं तो यह उनकी बहुत बड़ी गलतफहमी है क्योंकि पहली बात तो यह है कि सीरिया के पास शक्तिशाली सेना है और यदि वह सीरिया को लीबिया बना भी देंते हैं तो इसका सबसे ज़्यादा नुक़सान स्वंय उन्हें ही पहुंचेगा। डाक्टर अली लारीजानी ने कहा कि पश्चिम ने स्वंय अपने हाथों से आतंकवादी गुटों को अस्तित्व प्रदान किया है लेकिन उन्हें यह समझना लेना चाहिए कि इस काम में भी अन्त में उन्हें ही नुक़सान होने वाला है।
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तेहरान रेडियो


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