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Code : 80409
Date of publication : 9/8/2015 11:56
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इस्राईली नीतियों का विरोध करने वाले को ज़िंदा रहने का कोई हक़ नहीं।

एक ज़ायोनी धर्मगुरु का कहना है कि जो भी इस्राईल की विस्तारवादी नीतियों का विरोध करे उसे जान से मार दिया जाए।


विलायत पोर्टलः एक ज़ायोनी धर्मगुरु का कहना है कि जो भी इस्राईल की विस्तारवादी नीतियों का विरोध करे उसे जान से मार दिया जाए। शमूईल अलयाहू नामक इस ज़ायोनी धर्मगुरु ने बसाए गए ज़ायोनियों से कहा है कि जो भी फ़िलिस्तीनी इस्राईल की नीतियों का विरोध करे उसकी हत्या कर दी जाए। इस ज़ायोनी धर्मगुरु का यह बयान ऐसे समय में सामने आया है कि जब 31 जुलाई को पश्चिमी तट के नाबलुस शहर के दूमा क़स्बे के एक फ़िलिस्तीनी नागरिक सअद-दवाब्शा के घर को बसाए गए ज़ायोनियों ने आग लगा दी थी जिसमें उनका 18 महीने का बच्चा अली दवाब्शा ज़िन्दा जल कर शहीद हो गया। आज शनिवार को अली दवाब्शा के पिता सदअ दवाब्शा भी घाव सहन न कर पाने के कारण इस दुनिया से चल बसे। इस बीच फ़िलिस्तीनी सूत्रों के हवाले से प्राप्त रिपोर्ट, बसाए गए ज़ायोनियों ने शनिवार को अरीहा शहर में दूमा और तय्यबा कालोनी के क़रीब एक फ़िलिस्तीनी के घर को आग लगाने की कोशिश की लेकिन सही वक़्त पर फ़िलिस्तीनियों की कोशिशों से ज़ायोनियों का यह षड्यंत्र नाकाम हो गया। इस बारे में पश्चिमी तट में कालोनियों की निर्माण परियोजना के ज़िम्मेदार ग़स्सान डगलस ने बताया कि बसाए गए कई लोगों ने महमूद अलकआबना के घर पर पेट्रोल बम फेंके लेकिन आसपास के लोगों ने तुरंत आग को क़ाबू में कर लिया।
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तेहरान रेडियो


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