Delicious facebook RSS दोस्तों को भेजें। प्रिंट सेव करें। XML TEXT PDF
Code : 80214
Date of publication : 5/8/2015 23:45
Hit : 1073

हिंदुस्तान के सभी मुसलमान भाईयों के नाम।

आपको सूचित किया जा रहा है कि बहुत अफ़सोस की बात है कि पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया और कुछ अख़बारों में वहाबी और तकफ़ीरी विचारधारा रखने वाले गुट, इस्लामी रिपब्लिक ईरान से दुश्मनी की नियत से तेहरान में अहलेसुन्नत की मस्जिद को ढ़ा दिये जाने पर आधारित एक झूठी और पूरी तरह से बेबुनियाद ख़बर, को हवा दे रहे हैं। जबकि जिन लोगों ने ईरान का सफर किया है वह अच्छी तरह जानते हैं कि ईरान में अहलेसुन्नत हज़रात की 11 हज़ार से ज़्यादा मस्जिदें मौजूद हैं

विलायत पोर्टलः आपको सूचित किया जा रहा है कि बहुत अफ़सोस की बात है कि पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया और कुछ अख़बारों में वहाबी और तकफ़ीरी विचारधारा रखने वाले गुट, इस्लामी रिपब्लिक ईरान से दुश्मनी की नियत से तेहरान में अहलेसुन्नत की मस्जिद को ढ़ा दिये जाने पर आधारित एक झूठी और पूरी तरह से बेबुनियाद ख़बर, को हवा दे रहे हैं। जबकि जिन लोगों ने ईरान का सफर किया है वह अच्छी तरह जानते हैं कि ईरान में अहलेसुन्नत हज़रात की 11 हज़ार से ज़्यादा मस्जिदें मौजूद हैं कि जिनमें दसियों लाख अहलेसुन्नत ख़ास तौर से सीस्तान, बलूचिस्तान, कुर्दिस्तान व गुलिस्तान जैसे इलाक़ो में, जमाअत के साथ नमाज़ पढ़ते हैं, सैकड़ों दीनी मदरसे सुन्नी इलाक़ों में अपनी गतिविधियां अंजाम दे रहे हैं और इसके अलावा अहलेसुन्नत हज़रात भी शियों की तरह मजलिसे शूरा-ए-इस्लामी (ईरानी पार्लियामेंट) में नुमाइंदे रखते हैं, मजलिसे ख़ुबरेगान रहबरी (कमेटी जो ईरान के सुप्रीम लीडर को चुनती है) में भी उनके प्रतिनिधि मौजूद हैं और ईरान के सुन्नी बहुल क्षेत्रों में ईरानी सुप्रीम लीडर हज़रत आयतुल्लाहिल उज़्मा ख़ामेनई की ओर से अहलेसुन्नत मामलों की देखभाल की लिये ख़ास नुमाइंदे भी नियुक्त किये गये हैं।

इसलिये आज जबकि ईरान में शिया और सुन्नी भाईयों के बीच एकता और सद्भाव उच्च स्तर पर मौजूद है, दुर्भाग्यवश दुश्मन कोशिश कर रहा है कि मतभेद पैदा करे। ऐसे हालात में कि जब पिछले चार महीनों में यमन में 15 से ज़्यादा मस्जिदों को ढ़ाया जा चुका है, बहरैन में 20 से ज़्यादा प्राचीन मस्जिदों को शहीद किया गया है और इराक़ व सीरिया में आईएस आतंकवादियों के हाथों सैकड़ों मस्जिदों, नबियों और वलियों के मज़ारों को डायनामाइट द्वारा उड़ा दिया गया है, इन अख़बारों एंव साइटों ने इन जैसी ख़बरों को कवरेज नहीं दिया जबकि ईरान में एक मस्जिद के ढ़ाए जाने की झूठी ख़बर को हवा दे रहे हैं इनका उद्देश्य केवल मुसलमानों में मतभेद पैदा करने के अलावा क्या हो सकता है?

आज हिंदुस्तान में शिया और सुन्नी भाईयों के बीच एकता और सद्भाव पहले से ज़्यादा ज़रूरी व वाजिब है और हमें आईएस व अल-क़ायदा जैसे कट्टरपंथी गिरोहों के मुक़ाबले में कि जिनका उद्देश्य केवल व केवल इस्लाम को नुक़सान पहुंचाना है, एकजुट रहना चाहिये। इसलिये हमें होशियार व बेदार रहने की ज़रूरत है।

ईरानी कल्चर हाऊस नई दिल्ली

5 अगस्त 2015



आपका कमेंट



मेरा कमेंट शो न किया जाये
Security Code :

नवीनतम लेख

नोबेल विजेता की मांग, यमन युद्ध का हर्जाना दें सऊदी अरब और अमीरात । फ़िलिस्तीन का संकट लेबनान का संकट है , क़ुद्स का यहूदीकरण नहीं होने देंगे : मिशेल औन महत्त्वहीन हो चुका है खाड़ी सहयोग परिषद, पुनर्गठन एकमात्र उपाय : क़तर एयरपोर्ट के बदले एयरपोर्ट, दमिश्क़ पर हमला हुआ तो तल अवीव की ख़ैर नहीं ! तुर्की को SDF की कड़ी चेतावनी, कुर्द बलों को निशाना बनाया तो पलटवार के लिए रहे तैयार । दमिश्क़, राष्ट्रपति बश्शार असद ने दी 16500 लोगों को आम माफ़ी । यमन का ऐलान, वारिस कहें तो हम ख़ाशुक़जी के शव लेने की प्रक्रिया शुरू करें । प्योंगयांग और सिओल मिलकर करेंगे 2032 ओलंपिक की मेज़बानी ईरान अमेरिका के आगे नहीं झुकेगा, अन्य देशों को भी प्रतिबंधों के सामने डटने का हुनर सिखाएंगे । सऊदी अरब के पास तेल ना होता तो आले सऊद भूखे मर जाते : लिंडसे ग्राहम ईरानी हैकर्स ने अमेरिकी अधिकारियों के ईमेल हैक किए ! ईरान, रूस और चीन से युद्ध के लिए तैयार रहे ब्रिटेन : जनरल कार्टर हमास की ज़ायोनी अतिक्रमणकारियों को चेतावनी, हमारे देश से से निकल जाओ । पाकिस्तान में इतिहास का सबसे बड़ा निवेश करने वाला है सऊदी अरब नेतन्याहू की धमकी, अस्तित्व की जंग लड़ रहा इस्राईल अपनी रक्षा के लिए कुछ भी करेगा ।